:
Breaking News

Bihar Weather News: 6 जिलों में 1.59 लाख लोग बाढ़ की चपेट में, गंडक-कोसी के बढ़े जलस्तर से बढ़ी चिंता

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में बाढ़ से 6 जिलों की 1.59 लाख आबादी प्रभावित, गंडक-कोसी के जलस्तर से बढ़ी परेशानी, आज बारिश की संभावना कम।

पटना, 1 अक्टूबर, आलम की खबर: बिहार में बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। गंडक और कोसी समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर ने उत्तर और मध्य बिहार के कई इलाकों में परेशानी बढ़ा दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक राज्य के छह जिलों में करीब 1.59 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। पश्चिम चंपारण के बगहा और बेतिया क्षेत्र में तटबंध से जुड़ी घटनाओं के बाद निचले इलाकों में पानी फैलने की स्थिति बनी है।

बाढ़ के पानी ने कई गांवों और निचले इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर जाने की जरूरत पड़ रही है, जबकि जलभराव के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है। गंडक और कोसी के साथ गंगा के बढ़ते जलस्तर ने भी प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ाई है।

गंगा के बढ़ते पानी से कई इलाकों में दबाव

पटना, बेगूसराय और खगड़िया की ओर गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। पटना के नदी किनारे स्थित कई घाटों पर पानी पहुंचने से आसपास के तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ गई है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।

सारण जिले से सामने आई एक घटना में तेज बहाव के कारण एक मकान के ढहकर पानी में बह जाने की बात सामने आई है। तेज धारा और जलभराव के कारण नदी के आसपास के क्षेत्रों में रह रहे लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।

सारण क्षेत्र में गंडक की तेज धारा में दो तेंदुए बहते दिखाई देने की सूचना भी सामने आई। बताया गया कि इनमें से एक तैरकर किनारे पहुंच गया और पेड़ पर चढ़ गया, जबकि दूसरा पानी के बहाव के साथ आगे निकल गया। वन विभाग की निगरानी और स्थानीय स्तर पर सतर्कता ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण हो गई है।

आज बारिश से राहत, लेकिन उमस बढ़ाएगी परेशानी

बाढ़ की स्थिति के बीच मौसम को लेकर फिलहाल बड़ी राहत है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 1 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार के लिए आज कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 2 अक्टूबर को भी राज्य के लिए कोई चेतावनी नहीं है। 

बारिश की गतिविधि कमजोर रहने और दिन में धूप निकलने की स्थिति में तापमान बढ़ सकता है। जमीन में पहले से मौजूद नमी और हवा में अधिक आर्द्रता के कारण लोगों को उमस वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह एक जैसा नहीं रहेगा। 3 अक्टूबर के बाद कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव की संभावना है, जबकि 4 से 6 अक्टूबर के बीच गरज-चमक और तेज हवा जैसी गतिविधियों के लिए चेतावनी दी गई है। 

हाल की बारिश ने कई जिलों में बढ़ाई नमी

पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण असमान रहा। उत्तर बिहार और सीमांचल के कुछ हिस्सों में बारिश अपेक्षाकृत कम रही, जबकि कई अन्य जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और भागलपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई। दूसरी ओर अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे सीमांचल के जिलों में बारिश अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई।

बारिश की यह असमान स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब कई नदियों में पहले से पानी का दबाव बना हुआ है। ऐसे में कम बारिश वाले क्षेत्रों को तत्काल राहत मिल सकती है, लेकिन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी का असर अलग-अलग इलाकों में बना रह सकता है।

मानसून की कुल बारिश सामान्य से कम

राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक दर्ज वर्षा सामान्य आंकड़े से कम बताई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिहार में मानसून अवधि में करीब 678.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इसी अवधि का सामान्य आंकड़ा लगभग 992.8 मिलीमीटर है। यानी कुल वर्षा सामान्य से करीब 32 प्रतिशत कम रही।

इसके बावजूद कुछ इलाकों में कम समय में हुई तेज बारिश और नेपाल तथा ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी ने नदी किनारे के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा की है। बिहार में बाढ़ का आकलन केवल स्थानीय बारिश से नहीं, बल्कि नेपाल से आने वाले पानी और प्रमुख नदियों के जलस्तर से भी जुड़ा रहता है। पटना मौसम केंद्र की बाढ़ मौसम सेवा कोसी, महानंदा, बागमती, कमला, गंडक, बूढ़ी गंडक समेत बिहार की कई प्रमुख नदियों की निगरानी करती है। 

3 अक्टूबर के बाद बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग के वर्तमान पूर्वानुमान के मुताबिक 1 और 2 अक्टूबर को बिहार में किसी बड़े मौसम अलर्ट की स्थिति नहीं है। इसके बाद मौसम में बदलाव की संभावना बढ़ती है। 4 से 6 अक्टूबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी गतिविधियों के लिए चेतावनी जारी की गई है। 

इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए नदी और स्थानीय जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

यह भी पढ़ें

बिहार में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में बारिश के बाद बढ़ी उमस; अगले दिनों के लिए अलर्ट जारी

बिहार में मानसून की गतिविधियों और लगातार बदलते मौसम के बीच अलग-अलग जिलों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बन सकती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *